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Mamtesh Sir RWA Biography in Hindi

आज हम आपको एक ऐसे अध्यापक के बारे में बताने वाले हैं जिसको सभी गांव के बच्चे और सभी शहर के बच्चे जानते हैं। इस अध्यापक का नाम है Mamtesh Sir जो RWA में पढ़ते हैं। यह अध्यापक इतने प्रसिद्ध हैं कि इन्हें सभी जिलों के सभी गांव के और सभी शहरों के बच्चे बहुत अच्छे से जानते हैं और इनसे पढ़ते भी हैं। सभी गांव-शहर से एक या दो बच्चे तो जरूर इनसे पढ़ते हैं और सर का बहुत बड़ा फैन होता है। आज हम इस महान टीचर की बायोग्राफी को देखने वाले हैं और बताएंगे कि Mamtesh Sir ने कैसे इतना बड़ा मुकाम हासिल किया।


mamtesh sir rwa biography in hindi

Mamtesh Sir कौन हैं

Mamtesh Sir RWA में एक अध्यापक हैं जो पहले रीजनिंग पढ़ाते थे और अब वे नवीन सर के कहने पर हिंदी पढ़ा रहे हैं। पहले RWA में नवीन सर हिंदी पढ़ाते थे, अब Mamtesh Sir RWA में हिंदी पढ़ा रहे हैं।

Mamtesh Sir बच्चों को बहुत अच्छी हिंदी पढ़ाते हैं और जो बच्चे पुलिस और SI की तैयारी कर रहे हैं, उन सभी बच्चों को बहुत अच्छे से समझ आ रहा है, जिस वजह से वे बच्चों के पसंदीदा टीचर बन गए हैं।


Mamtesh Sir Age

ममता सर की उम्र अभी ज्यादा नहीं है। वे अभी सिर्फ 28 साल के हैं। ममता सर का जन्म 1997 में हुआ था। ममता सर ने बहुत कम उम्र में बच्चों को पढ़ाना शुरू किया था और इसी कारण वे आज एक महान टीचर बन चुके हैं।

आगे हम आपको बताएंगे कि ममता सर ने यहां तक आने के लिए किन-किन समस्याओं का सामना किया।


Mamtesh Sir को Teacher बनने के लिए किन समस्याओं का सामना करना पड़ा

Mamtesh Sir भी सभी बच्चों की तरह सरकारी नौकरी की तैयारी में लगे थे। Mamtesh Sir हिंदी में बहुत अच्छे एक्सपर्ट थे, लेकिन उनके दोस्तों को हिंदी पढ़ाने के लिए कोई भी अच्छा टीचर नहीं मिला।

इसके बाद Mamtesh Sir के दोस्तों ने Mamtesh से हिंदी पढ़ने का फैसला किया। Mamtesh Sir ने भी अपने दोस्तों को हिंदी पढ़ाने का वादा किया।

इसी बीच Mamtesh को ख्याल आया कि यहां पर हिंदी पढ़ाने वाले अध्यापक बहुत कम हैं, क्यों न एक कोचिंग सेंटर खोला जाए। इसी सोच के साथ Mamtesh ने अपना कोचिंग सेंटर शुरू किया।

उस समय Mamtesh Sir के पास बच्चों को पढ़ाने के लिए ज्यादा साधन नहीं थे। उनके पास सिर्फ एक दुकान, एक बोर्ड, एक मार्कर और बच्चों के बैठने के लिए शीट थी। यहीं से Mamtesh Sir ने अपनी Teaching की शुरुआत की।

उस समय उनके कोचिंग में सिर्फ 3–8 बच्चे होते थे। इन बच्चों को Mamtesh Sir का पढ़ाने का तरीका बहुत अच्छा लगा। इस तरह बच्चों की संख्या बढ़ती गई और एक दिन 100 से भी अधिक बच्चे उनसे कोचिंग लेने लगे।

इसी बीच Mamtesh Sir की मुलाकात Ankit Bhati Sir से हुईऔर इसके बाद उन्होंने Online पढ़ाना शुरू किया। इसी दौरान वे बच्चों को बहुत पसंद आने लगे।

Mamtesh Sir family

Mamtesh Sir कि family मे उन कि पत्नी व माता पिता और एक भाई व एक छोटी बहन और अभी कुछ दिन पहले Mamtesh Sir कि शादी हुई है mamtesh sir कि family मे कुल 6 सदस्य है

Mamtesh Sir biography

नामममतेश
कामअध्यापक
स्थाननोएडा
लम्बाई5 फिट 6 इंच
पिताकिसान
पढाईस्नातक
उम्र28 वर्ष
परिवारमाता-पिता एक भाई और एक बहन और खुद पति पत्नी
गाडीमहिंद्रा थार
कमाई1 करोड के आसपास

Mamtesh Sir की Motivational बातें

Mamtesh Sir बच्चों को पढ़ाते समय केवल विषय ही नहीं समझाते, बल्कि उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित (Motivate) भी करते हैं। उनकी मोटिवेशनल बातें छात्रों के दिल को छू जाती हैं।

ममतेश सर का एक प्रेरणादायक उदाहरण

एक बार दो भाई समुद्र के किनारे घूम रहे थे। तभी किसी बात पर बड़े भाई ने छोटे भाई को एक थप्पड़ मार दिया। छोटे भाई ने कुछ नहीं कहा और रेत पर लिख दिया –

"आज मेरे भाई ने मुझे थप्पड़ मारा।"

फिर दोनों वहाँ से चले गए।

अगले दिन दोनों भाई फिर समुद्र के किनारे घूमने गए। तभी छोटा भाई समुद्र में डूबने लगा। बड़े भाई ने अपनी जान की परवाह किए बिना उसे बचा लिया।

उस दिन छोटे भाई ने रेत पर नहीं, बल्कि एक पत्थर पर लिखा –

"आज मेरे भाई ने मेरी जान बचाई।"

जब बड़े भाई ने पूछा कि उसने ऐसा क्यों किया, तो छोटे भाई ने कहा –

"जो दुख हमें मिलते हैं, उन्हें रेत पर लिखना चाहिए ताकि वे समय के साथ मिट जाएँ। और जो अच्छी बातें व अच्छे काम होते हैं, उन्हें पत्थर पर लिखना चाहिए, ताकि वे हमेशा याद रहें।"

यही सीख हमें जीवन में आपस में प्रेम, भाईचारे और मिल-जुलकर रहने की प्रेरणा देती है।

निष्कर्ष

अब आप जान गये होगे कि mamtesh sir के बारे मे सभी बाते mamtesh sir से बहुत बच्चे प्रेम करते है और ये mamtesh sir के बारे मे जानने के लिए उत्सुक रहते है